इन दिनों हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में ज़िला भाषाधिकारी डॉ0 अनिता के आग्रह पर मुझे एक वर्कशॉप में हिस्सा लेने आया हूँ। वर्कशॉप में आने का निमंत्रण इसी लिए स्वीकार किया क्योंकि मुझे जवाहर नवोदय विद्यालय में स्कूली बच्चों के साथ समय बिताना था और इन बच्चों को Hopes and challenges of youth विषय पर केंद्रित कविताएँ लिखने के लिए प्रेरित करना था। डॉ0 अनिता एक जागरूक महिला अधिकारी तो हैं ही साथ ही उनका आग्रह टालना मेरे लिए इसलिये भी मुश्किल था क्योंकि उनका मैं बहुत आदर करता हूँ। इसके साथ-साथ बिलासपुर आने की लालसा इसलिए भी रहती है कि मेरे परम मित्र और बड़े भाई अरुण डोगरा के साथ कुछ समय बिताने का अवसर मिल जाता है। सुमन भाभी (अरुण भाई की पत्नि) के हाथों का लज़ीज़ खाना और उनका स्नेह भला हमेशा कहाँ मिलता है। इसी लालच में जब मैंने बिलासपुर के कोठीपुरा में स्थित नवोदय विद्यालय के बच्चों ने जो मेरा स्वागत किया, उससे मेरी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों के बीच आकर मुझे अपना स्कूली जीवन याद आ गया और मैं उसे इन बच्चों के साथ जीने भी लगा। मैंने पाया कि जवाहर नवोदय विद्यालय के बच्चों में भविष्य के अनेक अच्छे कवि छुपे हैं। इन बच्चों को पहले से ही स्थानीय वरिष्ठ कवि विद्वान और कवि डॉ0 लेख राम और वरिष्ठ कवि एवम संगीत के अध्यापक रहे श्री अनूप सिंह मस्ताना ने बहुत कुछ निखार दिया था। बस इन बच्चों में कमी है तो बस इस बात की कि इन्होंने कविता का ज्ञान तो प्राप्त किया ही है लेकिन कविताएं पढ़ी नहीं है। तो अब मैं उन्हें कुछ अच्छे कवियों की कविताएँ पढ़वाऊँगा और उसके बात इन बच्चों की लेखनी के सुधार को देखूँगा। इस कार्यशाला में लिखी गई कविताओं में से ही चुन कर नवोदय विद्यालय एक कविता संग्रह को प्रकाशित करने जा रहा है जिससे इन नन्हें फूलों की ख़ुशबू की महक यानी इनकी कविताएँ अपनी अलग ही छाप छोड़ जाएगी। इसी विचार को आपसे साझा कर रहा हूँ कार्यशाला में एक हफ्ता रहूँगा और मेरा प्रयास रहेगा कि इन बच्चों की कविताओं को आपसे साझा करूँ और आपका प्रोत्साहन इन बच्चों को मिले ताकि इनकी लेखनी में सुधार आए और इनकी रचनाएँ किसी दिशा की तरफ इंगित करती नज़र आएँ। इन्हीं बच्चों में से एक छात्रा की कविता मुझे पहले दिन सबसे अच्छी लगी क्योंकि इस छात्रा की कविता में कहीं कहीं सृजनात्मकता औरों से अधिक है, यद्पि इन बच्चों की कविताओं को और तराशे जाने की अभी आवश्य्कता है। इस छात्रा की कविता देखें और अपने विचार मुझसे साझा भी करें। कार्यशाला की गतिविधियों से आपको अवगत करवाता रहूँगा और आपकी प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा रहेगी।बच्चों को कविता लेखन के प्रोत्साहन हेतु एक कार्यशाला का आयोजन
50 बच्चे ले रहे भाग
बेटियों की प्रतिभागिता अधिक
कार्यशाला की कुछ झलकियां:कार्यशाला में बच्चों के बीच मैं भी बच्चा हो गया
कार्यशाला में नवोदय विद्यालय बिलासपुर (कोठीपुरा) की प्रधानाचार्य अनूपा ठाकुर्
मैं हिन्दी ग़ज़ल लिखने में रूचि रखता हूँ, बहुत से आलोचक मेरे पीछे मीटर लिए घूमते हैं। उनका तर्क है कि मैं मीटर में नहीं लिखता। मुझे किसी मीटर में रहना अर्थ की हत्या करना लगता है। मेरा प्रयास रहता कि मैं जो लिखूं उसका प्रभाव मन को छू जाए। मेरा प्रयास आप को कैसा लगा ज़रूर बताएं। आपकी प्रतिक्रिया से मुझे प्रोहत्साहन मिलेगा। स्नेहाकांक्षी : प्रकाश बादल
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शुक्रवार, २० नवम्बर २००९
बिलासपुर में नन्हें फूल बिखेर रहे कविता की ख़ुशबू
प्रस्तुतकर्ता
प्रकाश बादल
पर
11:15 PM
6
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सोमवार, २१ सितम्बर २००९
बिलासपुर हिमाचल प्रदेश में हिन्दी और इंटरनैट पर संगोष्ठी आज
- भाषा विभाग की ज़िला भाषाधिकारी के द्वारा हिमाचल में हिन्दी के इंटरनैट पर प्रचलन के लिए यह पहला सराहनीय प्रयास।
- अनेक साहित्यकार,पत्रकार और सरकारी कर्मचारी उठाएंगे इस संगोष्ठी का लाभ
- अवसर पर कवि ग़ोष्ठी का भी आयोजन।
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में 22 सितम्बर 2009 को इंटरनैट पर बढ़ते हिन्दी के प्रचार औ प्रसार पर एक संगोष्ठी आयोजित की जा रही है। जिसे हिमाचल प्रदेश भाषा एवम संस्कृति विभाग के बिलासपुर की ज़िला भाषा अधिकारी के द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इस संगोष्टी में सरकारी कर्मचारियों व साहित्यकारों को इंटरनैट से जुड़ने और इंटरनैट पर हिन्दी टाईपिंग करने के आशय से जानकारी दी जाएगी। बिलासपुर के ब्यास सदन में हो रहे इस आयोजन में साहित्यकारों,सरकारी कर्मचारियों के अतिरिक्त पत्रकार भी उपस्थित होंगे। बैठक में तेज़ी से हिन्दी साहित्य जगत में चर्चित होते जा रहे हिमाचल के साहित्यकारों के इंटरनैट पर प्रवेश की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त हिन्दी साहित्य के एक मात्र इंटरनैट कोश द्वारा 'कविता कोश' की गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला जाएगा और अनेक साहित्यकार इस मौके पर ऑनलाईन वीडियो कांफ्रैंसिग के ज़रिए भी इस संगोष्ठी में भाग लेंग़े। इसके अतिरिकत इस अवसर पर एक कवि गोष्ठी का आयोजन भी किया जाएगा। जिसमें उपस्थित कविगण कविता पाठ करेंग़े।
प्रस्तुतकर्ता
प्रकाश बादल
पर
11:52 AM
12
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लेबल: बिलासपुर में हिन्दी और इंटरनैट पर संगोष्ठी/प्रकाश बादल्
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